कितनी गलत थी मैं

 
loading...

Kitni Galat Thi Mai
मेरे साथ काम करने वाला रणजीत कई दिनों से मुझे परेशान देखकर मुझसे कुछ कहना चाहता था।

एक दिन मौका पाकर उसने मुझसे पूछ ही लिया- क्या बात है, सोनियाजी, आप हरदम परेशान और खोई खोई नज़र आती हैं?

दरअसल उसकी नजर मेरे कामुक बदन पर थी, पर यह बात मुझे कई दिनों बाद पता चली।

‘कुछ नहीं तुम अपना काम करो।’ थोड़े रुखे स्वर में मैंने कहा और अपना काम करने लगी।

बाद में मुझे एहसास हुआ कि मुझे इतना रुखा नहीं होना चाहिये था तो उसे चाय के बहाने अपने पास बुलाया, सॉरी कहा और शाम के खाने पर घर आने के लिये कहा।

कुछ देर वह टालता रहा, बाद में वो मान गया।

मेरे पति अपने काम के सिलसिले में बाहर ही रहा करते हैं और बच्चे जल्दी सो जाते हैं इसलिये मैंने रणजीत से जल्दी आने को कहा पर उसे पहले से कहीं पर जाना था तो उसने कहा कि वो जल्दी आने की कोशिश करेगा।

घर जल्दी पहुँच कर मैंने बच्चों को खाना खिलाकर सुला दिया और रणजीत के लिये खाना बनाकर अपने पति के फोन का इंतज़ार करने लगी।

मेरे पति ज्यादातर दूसरे गाँव रहते थे इस कारण मेरी चूदाने की कामना अधूरी रह जाती थी।

मैं अपने पति पर शक़ करने लगी थी कि वह बाहर दूसरी लड़कियों को चोदते हैं।

यह बात मैंने उनसे भी कही थी, उन्होंने मुझे समझाया कि काम बहुत होता है और चोदने की याद तभी आती है जब वे मुझसे फोन पर बात करते थे।

पर मैं अभागन इस बात को नहीं मानती थी और लगातार शक़ करती जाती थी, जिससे उनके काम पर असर होने लगा था।

उन्होंने मुझे समझाया कि यह सब चुदाई ना करने के कारण होता है और मुझे फोन सेक्स के बारे में बताया।

अगली बार जब वे आये तो एक रबड़ का खिलौना लंड ले आये, और उसको उपयोग करने का तरीका भी सिखाया।

उस दिन रात भर जम कर चुदाई हुई।

रबड़ का लण्ड अपने अंदर लेने के लिये मेरी चूत पहले तैयार नहीं हो रही थी तो मेरे पति ने मेरी चूत को लगभग दस मिनट तक चाट चाट कर पहले गीली कर डाली और जैसे ही मैं झड़ने वाली थी, उन्होंने रबड़ का लण्ड जोर से मेरी चूत में घुसेड़ दिया।

‘हे भगवान !!!’

इतना दर्द तो सुहागरात पर मेरी पहली चुदाई पर भी नहीं हुआ था, मैं इतनी ज़ोर से चीख पड़ी कि पास के कमरे में सोये मेरे बच्चों में से एक जाग गया और वहीं से पुकारने लगा- मम्मी क्या हुआ?

मैंने भी पुकार कर कहा- कुछ नहीं बेटा, कॉकरोच था तुम सो जाओ, वह सो गया।

इधर मेरे पति मुस्कुरा रहे थे और रबड़ के लण्ड से मेरी चूत की चुदाई करने में मशगूल थे।

धीरे धीरे उन्होंने स्पीड बढ़ाना शुरू किया और मैं चुदाई का एक नया अनुभव पाने लगी।

जैसे ही मैं झड़ने को थी, उन्होंने अचानक अपना हाथ रोक दिया।

मैं चौंक पड़ी और पूछा- क्यों रुक गये?

उन्होंने कहा- अब तुम अपने हाथ से करो।

और रबड़ का लण्ड बाहर खींच लिया।

मैंने उस रबड़ के लण्ड को अपने हाथ में लिया और उसे अपनी चूत से रगड़ने लगी।

मेरी चूत फिर से गर्म हुई जा रही थी।

उधर मेरे पति ने अपने लण्ड को, जो ना जाने कितनी देर से अपनी प्यास रोककर धनुष की तरह चड्डी में ही तना हुआ खड़ा था, बाहर निकाल लिया और मेरी ओर बढ़े और अपना 7 इंच का लंड मेरे मुंह में पेल दिया और अंदर बाहर करने लगे।

मुझे तो मानो स्वर्ग मिल गया।

चूत में 7 इंच का रबड़ का लण्ड जिससे अपनी इच्छा के अनुसार चुदवाओ और मुंह में पति का 7 इंच का गर्म लंड जो जल्दी झड़ने का नाम ना लेता था।

दोनों ओर से जबरदस्त चुदाई करवाने के बाद मैं झड़ गई।

उसी वक़्त मेरे पति ने भी मेरे मुंह में अपना ढेर सारा पानी छोड़ दिया जिसे मैंने गटक लिया।

लंड का पानी मुंह में लेना पहले तो मुझे ज़रा भी पसंद नहीं था पर बाद में उसका भी मज़ा आने लगा था।

थोड़ी देर के बाद यह सिलसिला फिर से शुरु हुआ और पहले से जादा देर चलता रहा, इस बार उन्होने मेरी चूत अपने मुंह में झड़वाई और सारा पानी गटक गये।

वे थोड़े थके हुए नज़र आने लगे तो मैंने उन्हे थोड़ा सोने के लिये कहा।

उनकी आंख लग जाने के बाद मैं उस रबड़ के लण्ड के साथ खेलने लगी, चूत तो पहले से ही खुली होने के कारण रबड़ का लण्ड आसानी से उसमें समा गया।

थोड़ी देर अंदर बाहर करने के बाद मुंह से अपने आप आवाज़ें निकलने लगी और चुदाने की स्पीड भी बढ़ने लगी, आवाज़ें और तेज़ होने लगी जिसे सुनकर मेरे पति जग गये और मुझे चुदाते देख खुश होने लगे।

उन्होने मुझे घोड़ी बनने के लिये कहा और रबड़ का लण्ड अपने हाथ में लेकर पीछे से मेरी चूत में अंदर बाहर करने लगे।

थोड़ी देर बाद उन्होंने रबड़ का लण्ड मेरे हाथों में पकड़ा दिया और ढेर सारा तेल मेरी गांड में उंडेल दिया।

मैं समझ गई कि अब वे मेरी गांड मारेंगे जो मैं ज्यादा पसंद नहीं करती पर चूत में रबड़ का लण्ड और गांड में पिया का लण्ड यह कल्पना करते ही दिल छलांगें मारने लगा और गांड का छेद अंदर बाहर करने लगा।

और मैं रबड़ का लण्ड अपनी चूत में और भी तेज़ी से अंदर बाहर करने लगी।

ठीक उसी समय मेरे पति ने अपना 7 इंच का लंड मेरी गांड में किसी बंदूक की गोली की तरह एकदम से घुसेड़ दिया और साथ ही अपना हाथ मेरे मुंह पर दबा दिया जिससे मेरी चीख मेरे मुंह में ही दबी रह गई और आँखों के सामने एक बिजली सी चमक पड़ी, मानो अभी मर जाऊँगी, ऐसा लगा जैसे गांड में किसी ने लोहे का मूसल घुसेड़ दिया हो।

दस बीस सेकेंड सब थम गया और फिर चुदाई ने इतनी तेज़ रफ्तार पकड़ ली कि मानो बुलेट ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार पर हो।

वह नज़ारा ऐसा होगा कि अगर कोइ नब्बे साल का बूढ़ा देखे तो उसका भी लंड लोहे के रॉड जितना तन जाये, और नब्बे साल की बुढ़िया देखे तो उसकी चूत से भी पानी टपकने लगे।

यह जबरदस्त हाइ वोल्टेज चुदाई लगभग पचास मिनट तक चली और जब रुकी तो बिस्तर ऐसा बन गया था मानो सौ सूअरों का झुंड एक छोटे खेत को तहस नहस करके ग़ु‌ज़रा हो।

मेरी चूत और गांड दोनों का फालूदा बन चुका था।

रबड़ के लण्ड से मेरी चूत और पिया के लण्ड से मेरी गांड जगह जगह छील गई थी।

सुबह के छह बज चुके थे।

बच्चों के स्कूल जाने की तैयारी करनी थी, लेकिन ठीक से चला भी नहीं जा रहा था।

बच्चों के स्कूल जाने के बाद मेरे पति ने मेरी चूत और गांड को अच्छी तरह चाट कर नर्म कर डाली और बाद में दोनों पर अच्छी तरह से मरहम लगा कर ड्राईंगरूम में सोफे की चेयर पर मेरी दोनों टांगें उसके हथ्थे पर फैलाकर इस तरह से सुलाया कि मेरी गांड और चूत दोनों को खुली हवा मिल पाये।

यह सब याद करते करते मुझे यह भी याद था कि रणजीत को खाने पर बुलाया है तो उसे फोन कर के पूछा कि कब तक आओगे।

तो उसने कहा- थोड़ी देर हो सकती है, और काम अगर जल्दी बन जाये तो जल्दी आ जाऊँगा।

मतलब कम से कम नौ तो बज जायेंगे उसके आने तक!

तो कुछ देर सोने का इरादा बना लिया, तभी फोन बज उठा।

मेरे पति का फोन था।

मैंने उन्हे बताया कि मेरे साथ काम करने वाला रणजीत अभी घर आयेगा।

उन्होंने पूछा- कितनी देर है उसके आने में?

मैंने बताया- एक घंटा!

तो उन्होंने फोन सेक्स की फरमाईश की और बताया कि वो नंगे हैं और मेरे नाम से अपना लंड हाथ में लिये बेड पर पड़े हुए हैं।

मैं भी तुरंत राज़ी हो गई क्योंकि बच्चे सो गये थे, रणजीत के आने में समय था और मैं भी बोर हो रही थी।

फोन का हेडफोन अपने कान में घुसा कर अलमारी की दराज़ से मैंने रबड़ का लण्ड बाहर निकाल लिया।

इन्होंने पूछा- आज कैसे करोगी?

मैंने पूछा- आप बताओ।

‘ड्राईंगरूम में सोफे की चेयर पर बैठ कर अपनी दोनों टांगे उसके हथ्थे पर फैलाकर इस तरह बैठ जाओ कि चूत ज्यादा से ज्यादा खुल जाये, और आँखें बंद करके यह सोचो कि मैं चोदने जा रहा हूँ।’

मैंने वैसे ही किया।

‘अब रबड़ का लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ दो और सोचो मैं चोद रहा हूँ।’

मैं रबड़ का लण्ड अपनी चूत में अंदर-बाहर करने लगी और वो फोन पर सिर्फ कहते थे- आ ह और तेज़!! और तेज़!! और तेज़…
वाकयी चुदाई का रियल मज़ा आता है फोन सेक्स में…

लगभग 15 मिनट में मैं झड़ गई और शायद मेरे पति भी…
तभी डोर बेल बजी, और अचानक हमें भी होश आ गया, मैंने पति से फोन पर कहा- शायद रणजीत थोड़ा जल्दी आ गया है।

उन्होंने कहा- जल्दी जल्दी कपड़े ठीक करो और उसे अंदर बुलाओ।

और फोन कट कर दिया।

मैंने जल्दी जल्दी अपना गाउन, जिसके नीचे कुछ भी नहीं पहना था, ठीक किया और जाकर दरवाजा खोल दिया।

अंदर आते ही रणजीत ने पूछा- शायद सो रही थी सोनिया जी आप?

‘हाँ, आप थोड़ा लेट आओगे सोच कर ज़रा नींद लग गई थी।’

‘हाँ, मेरा काम होने में ज़र देर है तो सोचा कि आपको मिल के फिर चला जाऊँगा, आपको कॉल भी किया लेकिन आपका फोन बिज़ी आ रहा था।’

‘मेरे पति से बात हो रही थी।’

‘ओह!’

मैंने उसे बिठाया और उसके लिये पानी लेने रसोई में चली गई।

पानी लेकर लौटी तो एकदम से सन्न सी रह गई, क्योंकि रणजीत के हाथ में मेरा रबड़ का लण्ड था और वो बड़े गौर से उसका निरीक्षण कर रहा था।

पति के साथ फोन सेक्स करने के बाद हड़बड़ी में मैं वह रबड़ का लण्ड अपनी जगह रखना भूल गई थी।

जानबूझ कर इस बात को नज़रअंदाज़ करके कि रणजीत के हाथ में मेरा रबड़ का लण्ड था, मैंने कहा- पानी पीजिये।

हल्की सी हिचकिचाहट से उसने पानी का गिलास अपने हाथों में ले लिया और मेरा रबड़ का लण्ड मेरे हाथों पकड़ा दिया।

मैंने मेरा रबड़ का लण्ड फिर से अलमारी की दराज़ में रख दिया।

तब तक कोई कुछ नहीं बोला।

शांती मैंने ही भंग की- तुम जानना चाहते हो ना कि मैं क्यों परेशान सी रहती हूँ?

‘वो तो यूँ ही… बस…’ उसकी हिचकिचाहट अभी खत्म नहीं हुई थी।

‘मेरी मदद करोगे?’ मैं सीधे मतलब की बात पर आ गई।

‘जरूर!’

‘मुझे शक़ है कि मेरे पति जो महीने के पच्चीस दिन दूसरे शहर में रहते हैं, दूसरी लड़कियों को चोदते हैं।’

मेरा रबड़ का लण्ड उसने जब देख ही लिया था तो सीधे बात करने में मुझे हर्ज़ नहीं लगा।

उसकी तो आँखें फटी रह गई।

‘आप ये कन्फर्म करना चाहती है या मुझे बताना चाह रही हैं? वैसे आप किस तरह की मदद मुझसे चाहती हो?’ थोड़ी देर रुक कर रणजीत ने पूछा।

‘यह तो आप मुझे बताओ कि क्या करना चाहिये।’

‘सोनिया जी, आपको सिर्फ शक़ है या आप कुछ जानती भी हैं उसके दूसरी लड़कियों को चोदने के बारे में?’ उसकी हिचकिचाहट खत्म हो गई थी और वह भी खुल के बात करने लगा।

‘मेरा मन कहता है। वो जब भी मुझे चोदता है तो सारी रात चोदता है। मैं सोचती हूँ कि चोदने का उसे इतना शौक है तो वो मेरे बगैर कैसे रह पाता है? जरूर और लड़कियों को भी चोदता होगा !’

‘सोनिया जी, क्या आपके पति के लंन्ड पर कोई तिल है?’

‘हाँ है… क्यों?’

‘अगर उसके लंड के मुख पर तिल है तो वो और लड़कियों को चोदता है और चमड़ी पर है तो लड़कियाँ उस पर मरती हैं और वो सिर्फ आपको चाहता है।’

‘तिल तो उसके लंड के चमड़ी पर ही है… मगर क्या ऐसा होता है?’

‘जरूर… अ‍च्छा आप एक बात बताइये कि क्या आपकी चूत पर और गांड पर कोइ तिल है?’

‘ग़ांड पर तो पता नहीं पर लेकिन चूत पर कोई तिल नहीं।’

‘और आपकी चूचियों पर?’

‘…शायद से है।’

‘कन्फर्म बताइये।’

‘कन्फर्म तो नहीं पता।’

‘ठीक है, मैं खुद देख लेता हूँ…’

‘…’

‘सोनिया जी, फिर पता कैसे चलेगा?’

‘ठीक है… देख लो!’ थोड़ी हिचकिचाहट मैं उसके सामने नंगी होने के लिये तैयार हो गई और अपना गाउन उतार दिया।

अब उसके सामने मैं एकदम नंगी खड़ी थी।

‘आप सोफे पर बैठ जाइये, और अपनी टांगें फैला लीजिये।’

यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

मैंने वैसा ही किया।

वह मेरी टांगों के बीच बैठ कर मेरी चूत का निरीक्षण करने लगा।

अपने हाथ से मेरी एकदम गोरी चूत के बाल धीरे धीरे हटाकर तिल ढूंढने लगा।

‘सोनिया जी, आपकी चूत तो संगमरमर के समान सफेद है, इस पर से नज़र ही नहीं हटती।’ उसकी बातों से मैं पगलाई जा रही थी।

‘अभी आप अपनी गांड दिखाइये।’ मैं उसकी बातों से सम्मोहित होती जा रही थी और वो जो भी बोलेगा वो करती जा रही थी।

मैंने अपनी टांगें और फैलाकर उन्हें अपने दोनों हाथों से पकड़कर अपनी छाती से चिपका लिया और गांड को थोड़ा आगे की ओर धकेल दिया।

रणजीत के हाथ अब मेरी चूत और गांड पर एक्स्पर्ट की तरह चलने लगे थे।

‘चूत के अंदर भी देख लेता हूँ।’

मेरे मुंह से कुनमुनाहट सी आवाज़ें निकलने लगी।

चूत तो पहले से ही गीली हो गई थी और जैसे ही उसने मेरी चूत में उंगली डाली, मेरी चूत से एक धार सीधे उसके मुंह मे जा गिरी।

‘सोनिया जी, शायद आप चुदना चाहती हैं…” एक अजीब सी मुस्कुराहट के साथ रणजीत ने मुझसे पूछा।

मैं कुछ भी नहीं कह पाई…

उसने झटके से अपने कपड़े उतार फेंके और नंगा हो गया।

उसका लंड मेरे पति के लंड से थोड़ा छोटा लेकिन आकर्षक था।

मैं वैसे ही सोफे पर अपनी गांड उचकाकर बैठी हुई थी।

वो सीधे मेरे उपर झुक गया और मेरा मुंह चूमने लगा।

उसका लंड बार बार मेरी चूत और गांड से टकरा रहा था और मैं पागल हुई जा रही थी।

मेरे पैर जो मेरी छाती से चिपके हुए थे वो अब उसने अब अपने हाथों में ले लिये, जिन्हें वो बार बार पीछे की ओर धकेलता जिससे मेरी गांड आगे की ओर धक्का मारने लगी।

मेरे हाथ उसका लंड टटोलने लगे जो दो तीन कोशिशों के बाद मेरे हाथ में आ गया।

अपनी चूत को उचका कर मैं उसमें वह लंड पेलना चाह रही थी पर रणजीत इसका मौका नहीं दे रहा था।

आखिर जीत मेरी ही हुई।

रणजीत का लंड फचाक से मेरी चूत में समा गया और मैं उचक उचक कर उससे चुदवाने लगी।

एकदम नया अनुभव था मेरे लिये यह, हालांकि चुदाई मेरे लिये कोई नई बात नहीं थी।

रणजीत मेरा मुंह इतना जल्दी जल्दी चूम रहा था कि मेरी सांस लगभग रुक सी गई थी और वो रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

जब उसका चूमना रुका तो मैं पसीने से तरबतर हो चुकी थी लेकिन मेरा उचकना बंद नहीं हुआ था।

अचानक से उसने अपना लंड बाहर खींचा और उसी रफ्तार से मेरी गांड में पेल दिया।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
‘ऊईईईई…’ मैं जोर से चीख पड़ी।

उसने तुरंत लंड बाहर खींचा और फिर से चूत में पेल दिया।

‘माँ आआआआ…’ मैं फिर से चीख पड़ी। उसने तुरंत लंड बाहर खींचा और फिर से गांड में पेल दिया।

फिर मैं चीखती रही और वो चूत से गांड और गांड से चूत लगातार अपना लंड पेलता रहा।

मेरी ऐसी चुदाई पहली बार हो रही थी जिसमें मुझे हिलने का तक मौका नहीं मिल रहा था, बस चीखना…

लगभग चालीस मिनट बाद वह खुद भी हाँफने लगा और 15/20 जोर के धक्के मारने के बाद उसने मेरी गांड में अपना पानी छोड़ दिया।
उसने मुझे वैसे ही दबाये रखा और मेरे कान के पास अपना मुंह ले जाकर फुसफुसाने लगा- सोनिया जी, तिल विल से कुछ नहीं होता है, जो भी होता है दिल से होता है। आपके दिल में अगर शक़ भरा है तो सारी दुनिया आपको वैसे ही दिखाई देंगी जैसा आप सोचती हैं। आपके पति में कोई खोट नहीं है, मैं उन्हें आपकी शादी के पहले से जानता हूँ, उन्होंने आपके सिवा आज तक किसी को नहीं चोदा।
और दूसरी तरफ आप हो जो अपने शक़ की वजह से मुझसे चुद गई। और एक बात यह भी कह दूं कि मैं आपको चोदने के लिये ही आया था।

कितनी गलत थी मैं…
जो मैं मेरे सज्जन पति पर शक़ कर रही थी जबकी मुसीबत की सारी जड़ें मेरे अंदर ही थी।

रणजीत अपने कपड़े पहनने लगा तो मैंने उसे मना कर दिया। उसकी जबरदस्त चुदाई ने मुझे दीवाना बना दिया था और बातों ने मेरी आँखें खोल दी थी।

उसके सामने ही मैंने अपने पति से फोन कर सारी बात बता डाली कि किस तरह रणजीत से मैं चुद चुकी हूँ और अभी फिर से चुदने जा रही हूँ।

मेरे पति ने हंस कर कहा कि मेरी खुशी में ही उनकी खुशी है।

उसके बाद पति का फोन चालू रख कर मैं रात भर रणजीत से चुदती रही और मेरे पति फोन पर सब सुनते गये।

मेरे पति के लौटने के बाद उन्होंने रणजीत को घर बुलाया और अपने सामने मुझको चुदवाया उस रात दोनों ने मिलकर कई बार मेरी चुदाई की।

मेरे देवता समान पति पर मैं हमेशा शक़ करती रही और वे मेरी खुशी के लिये हर कुरबानी देते रहे।

भगवान ऐसा पति सभी को दें।



loading...

और कहानिया

loading...



sixy kahani musalim oarata kiमामा पापा झवाझवी कथाhindi sexy khaniyaबियफ कहानिmast ram cheating fuck in hindi chudai.comipron xxx shadhu maa videoछूट मरवाने वाली स्टोरीbarsatme khetpar bhabine sodana sikhaya hindimesex bali kahani jo chachere bhai ke sat bahan ki chodne ki bat hohindi sxse/%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%A0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%B9-nonve/shexy holi me bahan hindi kahaniyaantarvasna bete ne paise deker mujhe chodamaa ki fudi fukhking photochacha ne jabardasti chudai ki bhatiji ki kahaniशदी सुधा बहन को माँ बनाया चुदाइ की कहनियाmausi ka gangrape kiya kahaniyan hindi sex storyससुर ने बह के चुत चैदा 3 जी बिडीवchutphotokahaniMaa Bete Ki Chudai Ki Kahaniya MP3 story.xcnxx.sex.com.mommosi xxx kahani hindixxx kahnisagi bhai bahan sagar aur shalini sex storyvidavaa maa ki chudi ki khani vidavaa maa ki jubani hindi melund chutभोजपूरी कहानियाwww xxxxxxwwNarth Indian sixi porn pictures sari padosan bhabhi k chudaichachi xnx kahanisaxxy cautGals hastl me gir Kyse chudvati hai in hindi SexXXXHINDIKAHANIhindisexkahaniHot bahu sasur jbr jasti xxxxxxxx hdविधवा की सील तोड़ कदै सेक्स स्टोरीस हिंदीसेक्स कथा हिदीxxx mast mast bahen kahaniWWW.AUNTI.N.BETA.S.SARDI.M.CHUT.MARVAI.SEX.STOREY.COMmuhboli sister ki bus me chudaiki storykamukta.मेडम की चुत मारी नहाते हुएWww.indian patali kamar wife harnay fingaring.comBehan ki chudai jabardasti jungle mein Hindi me kahanihindiadultchudaistoryHindi m garden m kam karne wali mahila ki chut ki lund se chudai ki kahanimuslim aurat ki sardarji se chudaividhwa bahan ban gayi meri biwi hindi sexy storydehatisexstorieskygo jabardasti pakad ke sexy video BanayaSaxi madhahosh bhabhi ki kahanichachi ka garoor toda sex kahani स्कूल वीडियो मोति चुची जीन्स मेंभाई भें किछुड़ेmame na sex marate storeMuth marate pakra gaya chudai kahaniParivar bangeya randikhana desi gandi kahaniघर की रंडी माल की चुदाई ब्लैक मेल करकेBhai bahan xxx story hindi me likhaXvideo anti ke chutme paya dalamummy ki chudayi stranger se storyशालिनी दीदी की चौडी गांडफॅमिली फेस्टिवल हिंदी सेक्स स्टोरीCUDAI KE BANJAY NE XXX HINDE KAHANEभाई ने बहन को बीवी बनाकर चौदा xxx.commom san hindi sexi khani hindi sabdo meमम्मी की पडाई ओर चूदाईsex kahani.comसिकसी बिऐफ हिनदी गनने के खतमेकी बिऐफHindi kahani kutta se chudaiभाभी कि बडी चुद्दकड चुतakeli anti ki cudai vidio.comdidi ko porn heroine banaya sex storyHindi sekxxy storry adhere me sekxantravasna hindiMaa peso beta balatkar xxx