मोटा लम्बा लंड देख आंटी के होश उड़ गये

 
loading...

प्रेषक प्रकाश,

हैल्लो दोस्तों, में मेरा नाम प्रकाश है और ये बात आज से 1 साल पहले की है। मेरे सामने वाले घर में एक खूबसूरत आंटी रहती थी, वो 37 साल की थी और उसकी हाईट 5 फुट 4 इंच, लंबी और थोड़ी मोटी थी, उसकी चूचीयाँ बहुत ही मस्त थी। उसकी साईज़ करीब 34 जितनी थी, उसका फिगर साईज 34-30-36 था, वो बहुत ही सेक्सी दिखती थी। उसका नाम लीलावती था, उसका पति 43 साल का था, उनके दो बच्चे भी थे।

फिर एक दिन सुबह जब में नहाने के बाद अपने रूम में आया और कपड़े बदलने लगा तो मैंने अपना टावल निकाल दिया और चड्डी पहनने लगा, तो अचानक से मेरी नज़र खिड़की पर पड़ी, तो मैंने देखा कि सामने वाली आंटी अपने बरामदे में खड़ी हुई थी और झाड़ू लगा रही थी। फिर उसकी और मेरी नज़र एक हुई, तो उसने मुझे अंडरवेयर पहनते हुए देखा, तो में एकदम से शरमा गया और वहाँ से दूर हो गया।

फिर मैंने फटाफट से अपने कपड़े पहने और बाहर चला गया। फिर जब में वापस घर आया तो वो आंटी मेरे घर के पास खड़ी थी। फिर उसने मुझसे पूछा कि प्रकाश जी कब आए? आप घर में अकेले बोर नहीं होते हो क्या? ऐसा कहकर वो हंसने लगी। में फिर से शरमा गया और कुछ नहीं बोला।

फिर दूसरे दिन सुबह में नहाकर बाहर निकला और अपने रूम में कपड़े पहनने गया, तो आज मैंने पहले खिड़की की तरफ देखा, तो मुझे आंटी नज़र नहीं आई इसलिए में आराम से अपना टावल निकालकर आराम से अपने कपड़े बदलता रहा।

फिर अचानक से सामने वाली खिड़की में से आवाज़ आई, तो मेरी नजर उस पर पड़ी, तो मैंने देखा कि वो आंटी वहाँ खड़ी-खड़ी मुझे कपड़े बदलते हुए देख रही थी, लेकिन अबकी बार में नहीं शरमाया, लेकिन मुझे भी मज़ा आया। फिर दूसरे दिन जब में नहाकर बाहर निकला तो मैंने जानबूझ कर खिड़की खुली कर दी और सामने देखा तो वो आंटी बरामदे में नीचे झुककर झाडू लगा रही थी।

अब मुझे उसके बूब्स की दरार बहुत साफ-साफ दिख रही थी। फिर उसने ऊपर देखा तो हमारी नज़र एक हुई, तो वो मेरे सामने हंस पड़ी, तो मेरी भी हिम्मत खुल गयी तो मैंने भी स्माइल दी। फिर वो वहाँ खड़ी-खड़ी झाड़ू लगाती रही और मुझे देखती रही।

फिर मैंने भी हिम्मत करके मेरा टावल निकाल दिया और मेरा लंड उसके सामने दिखा दिया। वो ये देखकर एकदम घबरा गयी और अंदर भाग गयी, तो में मन ही मन बहुत खुश हुआ। अब मुझे भी ये सब करना अच्छा लगने लगा था। फिर में अपने रूम में गया और बैठकर अपनी किताब पढ़ने लगा, तो एकदम से मेरी नज़र सामने वाले मकान के कम्पाउंड में पड़ी तो मैंने देखा कि वो आंटी बाथरूम में कपड़े धो रही थी और उन्होंने अपनी साड़ी को घुटने तक ऊपर चढ़ा रखी थी, उसके पैर बहुत ही सुंदर और सेक्सी दिख रहे थे।

फिर में अपनी पढ़ाई छोड़कर उसको देखने लगा। अब वो आंटी कपड़े धोते-धोते पूरी भीग गयी थी और उसका हाथ जब ऊँचा नीचा होता था तो उसकी चूचीयाँ मोहक अदा में हिल रही थी, जिसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर आंटी कपड़े धोने के बाद अपने बाथरूम का दरवाजा खुला रखकर नहाने लगी और बाद में उसने अपनी साड़ी निकाल दी और अपना पेटीकोट और ब्लाउज पहनकर नहाने लगी और नहाते नहाते उसने अपना पेटीकोट अपनी जाँघ तक ऊपर कर दिया।

अब मेरी तो आँखें फटी की फटी रह गयी थी। में ज़िंदगी में पहली बार ये जलवा देख रहा था। अब मेरा लंड मेरे काबू में नहीं रह रहा था और अब में आंटी को पूरी तरह से नंगा देखना चाहता था और ये आशा भी मेरी जल्दी ही पूरी होने वाली थी। फिर आंटी ने धीरे से अपना ब्लाउज भी निकाल दिया और उसे भी धोने लगी, तो तब मैंने उसके बड़े-बड़े बूब्स को देखा, तो मेरी आँखे बड़ी हो गयी और मेरे मुँह से पानी टपकने लगा। अब आंटी बहुत ही सेक्सी दिख रही थी।

फिर उसने अपने शरीर पर साबुन लगाना शुरू किया। अब मर जाने की बारी मेरी थी, अब उसके बूब्स देखकर तो मेरा जी मेरे गले में अटक गया, आहह, आहह क्या नज़ारा था? मैंने आज तक मेरी ज़िंदगी में इससे अच्छा नज़ारा कभी नहीं देखा था। अब मेरा लंड मेरे काबू में नहीं था और अब वो मेरी पेंट की चैन तोड़कर बाहर आने के लिए उछल रहा था, तो मैंने भी जल्दी ही मेरे लंड की इच्छा पूरी की और मेरे लंड को पेंट की चैन खोलकर बाहर खुली हवा में छोड़ दिया और आंटी को देखकर मुठ मारना चालू कर दिया। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है ।

अब आंटी नहा चुकी थी तो वो खड़ी हो गयी और अपना शरीर टावल से पोछने लगी। फिर अंत में उसने अपना पेटीकोट भी उतार दिया और तुरंत टावल लपेट दिया, लेकिन में उसके बीच में आंटी की चूत की एक झलक पा चुका था और अब मेरी मुठ मारने की स्पीड तेज हो गयी थी और अंत में मैंने अपना पूरा माल बाहर निकाल दिया।

अब मेरे दिमाग में आंटी को चोदने के ही विचार आने लगे थे और अब में किसी भी तरीके से आंटी को चोदने की तैयारी करने लगा था। फिर अगले हफ्ते मैंने अपनी पूरी खिड़की खोल दी और आंटी को बरामदे में आने की राह देखने लगा।

कहानी

फिर जब आंटी बरामदे में झाड़ू लगाने के लिए आई तो मैंने उसे स्माइल दी और धीरे से मेरा टावल निकाल दिया और मेरे लंड को हवा में खुला छोड़ दिया। मेरा लम्बे और मोटे लंड को हवा में लहराते हुए देखकर आंटी के तो होश ही उड़ गये और वो मेरे लंड को देखती ही रह गयी।

फिर में आंटी के सामने अपने लंड को पकड़कर हिलाने लगा, तो आंटी शर्मा गयी और झट से अपने रूम में चली गयी और खिड़की में से मेरा नज़ारा देखने लगी। फिर मैंने अपने लंड के सुपाड़े को नंगा करके मेरे लंड की पूरी लंबाई आंटी को बताई। अब वो बिना पलक झपकाए मेरे लंबे और तगड़े लंड को आराम से देख रही थी। फिर मैंने आंटी को फ्लाइयिंग किस किया, तो वो कुछ नहीं बोली।

फिर मैंने आंटी को अपने बूब्स दिखाने के लिए कहा। फिर वो मना कर रही थी, लेकिन मैंने बार-बार उसे इशारा किया, तो आख़िर में उसने अपने ब्लाउज के बटन खोलकर अपने बड़े-बड़े बूब्स बाहर निकाले और मेरे सामने दिखाने लगी। मेरा तो खून बहुत तेज़ी से दौड़ने लगा। फिर मैंने उसे अपना पेटीकोट उठाने के लिए कहा, तो पहले तो वो ना ना कर रही थी, लेकिन आख़िरकार मेरी ज़िद के सामने उसने हार मान ली और अपना पेटीकोट ऊपर उठा लिया।

अब मेरे तो भाग्य ही खुल गये थे। अब मेरे सामने एक मदमस्त चूत मेरे लंड का इंतजार कर रही थी और उस वक्त उसके घर में कोई नहीं था, वो सिर्फ़ अकेली ही थी, तो मैंने आंटी को अपने घर में आने के लिए इशारा किया, तो आंटी ने मना कर दिया। फिर मैंने बताया कि मेरे घर में मेरे सिवा और कोई नहीं है, तो तब वो बोली कि में थोड़ी देर में आती हूँ।

अब मेरा लंड बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था और बैठे भी क्यों? अब तो उसे चोदने के लिए मदमस्त चूत मिलने वाली थी। फिर थोड़ी देर के बाद डोर बेल बजी तो मैंने तुरंत दरवाजा खोला, तो सामने आंटी खड़ी थी। अब वो बड़ी ही मोहक स्माइल कर रही थी और बड़ी सेक्सी अदा में खड़ी थी। वो सुंदर नीले रंग की साड़ी पहनकर आई थी और उन्होंने हल्का सा मेकअप भी किया हुआ था।

फिर मैंने उसे तुरंत अंदर बुला लिया और दरवाजा बंद कर दिया। फिर वो बोली कि प्रकाश क्या काम है? मुझे यहाँ क्यों बुलाया है? अब वो जानबूझ कर भोली बन रही थी तो मैंने भी उसे इसी अदा में जवाब दिया कि आंटी आपके आम का रस चूसने का बहुत मन हो रहा था, इसलिए आपको यहाँ बुलाया है।

दोस्तों ये सुनकर वो मुझे मारने के लिए मेरे पीछे भागी और में अंदर बेडरूम की तरफ भाग गया। फिर वो मेरे पीछे आ गयी और मुझे पीछे से पकड़ लिया और बोली कि क्या बोला मेरे आम का रस चूसना है? तो चल जल्दी फटाफट से चूसना शुरू कर। फिर ये सुनकर मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके रसीले होंठो को चूसना शुरू कर दिया।

अब वो भी पीछे हटाने वाली नहीं थी तो वो भी मेरे होंठो को जोर से चूसने लगी और मेरे मुँह के अंदर अपनी जीभ डालने लगी। अब इससे मेरे अंदर सेक्स का लवरस बहने लगा था। फिर मैंने भी उसे कसकर पकड़ लिया और उसके मदमस्त बूब्स को सहलाने लगा और फिर मैंने आंटी को धीरे से बेड पर सीधा लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया।

फिर में उसके होंठो को चूसता रहा और ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स को दबाने भी लगा था। अब वो भी ज़बरदस्त जोश में आ गयी थी और मेरा पूरा-पूरा सहयोग देने लगी थी।

फिर मैंने धीरे से उसकी साड़ी निकाल दी और फिर उसका ब्लाउज भी उतार दिया, उसने लाल कलर की ब्रा पहनी थी। अब उसमें से उनके सफ़ेद बूब्स उछल-उछलकर बाहर आने के लिए मचल रहे थे। फिर मैंने भी अपनी शर्ट और पेंट उतार फेंकी, तो उन्होंने अपना पेटीकोट खुद ही निकाल दिया और मुझे अपने ऊपर खींच लिया। अब में पागलों की तरह उसे चूमने लगा था और अब वो भी मुझसे एकदम चिपक गयी थी। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है ।

फिर मैंने उसके होंठो को छोड़कर धीरे से उसके कंधे पर से उसकी पीठ पर किस करने लगा और पीछे से उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। फिर उसकी ब्रा झट से उछलकर निकल गयी और उसके मदमस्त बूब्स हवा में लहराने लगे। फिर मैंने एक पल भी गंवाये बिना तुरंत अपने मुँह में उसके बूब्स को लेकर आम की तरह चूसने लगा। अब वो अपने मुँह से बुरी तरह सिसकारियाँ भर रही थी और अब वो बहुत ही गर्म थी। अब में बारी-बारी से उसकी दोनों चूचीयों को लगातार चूसने लगा था।

अब वो भी आहह राजा ज़ोर-ज़ोर से चूसो, ये आम तुम्हारे लिए ही है, इस आम को आज तक किसी ने भी तुम्हारी तरह नहीं चूसा है, आज मुझे जन्नत का सुख मिल रहा है, आहह आहह और ज़ोर-ज़ोर से चूसो। फिर मैंने भी कहा कि अरे मेरी प्यारी आंटी अभी जन्नत का सुख तो बाकी है, ये तो सिर्फ़ शुरुआत है अभी देखती जाओ आगे-आगे क्या होता है?

फिर मैंने ज़ोर से उसकी पेंटी को फाड़कर निकाल दिया और उसकी चूत को अच्छी तरह से सहलाने लगा। अब तो वो और ज़ोर से मचल पड़ी, आहह आआआहहा क्या मज़ा आ रहा है? अरे राजा और जन्नत का सुख दो, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और ये बोलते-बोलते उसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया और अपने हाथ में लेकर मसलने लगी।

फिर जब आंटी बरामदे में झाड़ू लगाने के लिए आई तो मैंने उसे स्माइल दी और धीरे से मेरा टावल निकाल दिया और मेरे लंड को हवा में खुला छोड़ दिया। मेरा लम्बे और मोटे लंड को हवा में लहराते हुए देखकर आंटी के तो होश ही उड़ गये और वो मेरे लंड को देखती ही रह गयी।

फिर में आंटी के सामने अपने लंड को पकड़कर हिलाने लगा, तो आंटी शर्मा गयी और झट से अपने रूम में चली गयी और खिड़की में से मेरा नज़ारा देखने लगी। फिर मैंने अपने लंड के सुपाड़े को नंगा करके मेरे लंड की पूरी लंबाई आंटी को बताई। अब वो बिना पलक झपकाए मेरे लंबे और तगड़े लंड को आराम से देख रही थी। फिर मैंने आंटी को फ्लाइयिंग किस किया, तो वो कुछ नहीं बोली।

फिर मैंने आंटी को अपने बूब्स दिखाने के लिए कहा। फिर वो मना कर रही थी, लेकिन मैंने बार-बार उसे इशारा किया, तो आख़िर में उसने अपने ब्लाउज के बटन खोलकर अपने बड़े-बड़े बूब्स बाहर निकाले और मेरे सामने दिखाने लगी। मेरा तो खून बहुत तेज़ी से दौड़ने लगा। फिर मैंने उसे अपना पेटीकोट उठाने के लिए कहा, तो पहले तो वो ना ना कर रही थी, लेकिन आख़िरकार मेरी ज़िद के सामने उसने हार मान ली और अपना पेटीकोट ऊपर उठा लिया।

अब मेरे तो भाग्य ही खुल गये थे। अब मेरे सामने एक मदमस्त चूत मेरे लंड का इंतजार कर रही थी और उस वक्त उसके घर में कोई नहीं था, वो सिर्फ़ अकेली ही थी, तो मैंने आंटी को अपने घर में आने के लिए इशारा किया, तो आंटी ने मना कर दिया। फिर मैंने बताया कि मेरे घर में मेरे सिवा और कोई नहीं है, तो तब वो बोली कि में थोड़ी देर में आती हूँ।

अब मेरा लंड बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था और बैठे भी क्यों? अब तो उसे चोदने के लिए मदमस्त चूत मिलने वाली थी। फिर थोड़ी देर के बाद डोर बेल बजी तो मैंने तुरंत दरवाजा खोला, तो सामने आंटी खड़ी थी। अब वो बड़ी ही मोहक स्माइल कर रही थी और बड़ी सेक्सी अदा में खड़ी थी। वो सुंदर नीले रंग की साड़ी पहनकर आई थी और उन्होंने हल्का सा मेकअप भी किया हुआ था।

फिर मैंने उसे तुरंत अंदर बुला लिया और दरवाजा बंद कर दिया। फिर वो बोली कि प्रकाश क्या काम है? मुझे यहाँ क्यों बुलाया है? अब वो जानबूझ कर भोली बन रही थी तो मैंने भी उसे इसी अदा में जवाब दिया कि आंटी आपके आम का रस चूसने का बहुत मन हो रहा था, इसलिए आपको यहाँ बुलाया है।

दोस्तों ये सुनकर वो मुझे मारने के लिए मेरे पीछे भागी और में अंदर बेडरूम की तरफ भाग गया। फिर वो मेरे पीछे आ गयी और मुझे पीछे से पकड़ लिया और बोली कि क्या बोला मेरे आम का रस चूसना है? तो चल जल्दी फटाफट से चूसना शुरू कर। फिर ये सुनकर मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके रसीले होंठो को चूसना शुरू कर दिया।

अब वो भी पीछे हटाने वाली नहीं थी तो वो भी मेरे होंठो को जोर से चूसने लगी और मेरे मुँह के अंदर अपनी जीभ डालने लगी। अब इससे मेरे अंदर सेक्स का लवरस बहने लगा था। फिर मैंने भी उसे कसकर पकड़ लिया और उसके मदमस्त बूब्स को सहलाने लगा और फिर मैंने आंटी को धीरे से बेड पर सीधा लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया।

फिर में उसके होंठो को चूसता रहा और ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स को दबाने भी लगा था। अब वो भी ज़बरदस्त जोश में आ गयी थी और मेरा पूरा-पूरा सहयोग देने लगी थी।

फिर मैंने धीरे से उसकी साड़ी निकाल दी और फिर उसका ब्लाउज भी उतार दिया, उसने लाल कलर की ब्रा पहनी थी। अब उसमें से उनके सफ़ेद बूब्स उछल-उछलकर बाहर आने के लिए मचल रहे थे। फिर मैंने भी अपनी शर्ट और पेंट उतार फेंकी, तो उन्होंने अपना पेटीकोट खुद ही निकाल दिया और मुझे अपने ऊपर खींच लिया। अब में पागलों की तरह उसे चूमने लगा था और अब वो भी मुझसे एकदम चिपक गयी थी। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है ।

फिर मैंने उसके होंठो को छोड़कर धीरे से उसके कंधे पर से उसकी पीठ पर किस करने लगा और पीछे से उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। फिर उसकी ब्रा झट से उछलकर निकल गयी और उसके मदमस्त बूब्स हवा में लहराने लगे। फिर मैंने एक पल भी गंवाये बिना तुरंत अपने मुँह में उसके बूब्स को लेकर आम की तरह चूसने लगा। अब वो अपने मुँह से बुरी तरह सिसकारियाँ भर रही थी और अब वो बहुत ही गर्म थी। अब में बारी-बारी से उसकी दोनों चूचीयों को लगातार चूसने लगा था।

अब वो भी आहह राजा ज़ोर-ज़ोर से चूसो, ये आम तुम्हारे लिए ही है, इस आम को आज तक किसी ने भी तुम्हारी तरह नहीं चूसा है, आज मुझे जन्नत का सुख मिल रहा है, आहह आहह और ज़ोर-ज़ोर से चूसो। फिर मैंने भी कहा कि अरे मेरी प्यारी आंटी अभी जन्नत का सुख तो बाकी है, ये तो सिर्फ़ शुरुआत है अभी देखती जाओ आगे-आगे क्या होता है?

फिर मैंने ज़ोर से उसकी पेंटी को फाड़कर निकाल दिया और उसकी चूत को अच्छी तरह से सहलाने लगा। अब तो वो और ज़ोर से मचल पड़ी, आहह आआआहहा क्या मज़ा आ रहा है? अरे राजा और जन्नत का सुख दो, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और ये बोलते-बोलते उसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया और अपने हाथ में लेकर मसलने लगी।



loading...

और कहानिया

loading...



Maa behan ki chudai galti se hui sex photo ke sath kahaninew indane surto ki bode masage xxx porn fillm videosचूतड़ सूंघ कर मजे लिए सेक्स कहानीhindi maa bete nase me budi xxx khaniSEX KAHANI MOSI CHACHI MIRI RAJAI M.GUS GAIbhabhi akelisex storyसेकसी बिदेसी बीडियो बरे लनडPati ke samne kutte ka land leya sex xxxbhai.bhien.xxxhindai.storyमम्मी की मेला में चुदाईदीदी की चुदाईkaamsutr behan ki kahani hindiHindisex kahani gandi bhaibhenki desimast khani sexi bur kisexy kahani hot didiसेक्सी कहानीय्mom.ko.gaar.purus.choda.xxx.hendi.khaneहिंदी सेक्स कथाMo.ko.garmi.ki.rat.jhat.choda.chudae.kahnikamuktasaas bahu maa ka samuhik gand choudai kahaniचुदाई काहानीयाxxxviideojindeबीबी चुत चाटना चाहीए leasbean chudai ki kahaniमडम की चुदाईantarvasana anti sex khata.comहिंदी xxx कहानियाँसगी चुत एकदम टाईट बडा लंड चुत मे लिया सेकसी कहानियाchut ka faluda banaya kahani nayiभाभि का व जीजाजि कासक्स कहानियाaunty ki chut me mera 10 inch ka land hindisexstoryXxxstorimedammaa ke khane per bhai ne prengnet kiya mujheSexkahaniholichodh chodh kar prgnet ki fireehindisexsorischotey bachey ne boob hindi sexy storybalkani sex storyxxx video hd hindi devar and bhavi hot xxx hindi audeio deshixxx kahani batakamukta .khane xxx sexRaipur me rndi chudai k lia kha milta hianind me femilysex storyरानी भाभी की चुदाई कि कहानीwww.school.xxx.hinde.kahane.comमम्मी को पत्नी रडी बनाकर चुदाई भाई बुर चोदा कहानी HDsexkahaniantravsna hindi storyसेकसि भांजि मामा कहाणीसंभोग कथाxnxx bhabho kaa gaardgaad antarvasnamote cuhcoo suhagrat xnxxschool garl wa rikse wale ki sexcy khani hindi meबोबे पिला दो मुझेमाल चुदाई की हिंदी कहानियांnew xnxx hd videos ma muje aasa videos cahia ki usme ldaki ka laand raheta haaGujarati deshi kahaniyasex kamjori nxx vdoswww musalim buaa ki chudai ki sexy khahaniwww मराठी चावट कथा.comwww.chudai ki pyas bujhai civil contractor seचुत के झाट काटते कि xxxKamukta.comPITI.AND.PETNI.HANDI.SEXY.SOTRI.COMgawaran sasuma ke sath sexy zavazavi katha.com inchodai read hindiBhai bahbn ki sex storydehatisexstoriesantarvasnaमाँ जबरदस्ती चुदाई बेटाantarvasna.com sir ne dulhan bana seal todyx sexi chut chudai kahani hindi mewww.chodan.comBharuch chudaixxx videosex kamjori nxx vdosक्सनक्सक्स कॉमvidhwa bhenbki bhai ke saath antravasanaaunty n chudai karwai mujhse hindi story mastram.comsaxi bhabhi ni land pakdkar chusahindisxestroy